समितियों को 3 महीने बंद करने के आदेश के विरुद्ध ज्ञापन
सहकारिता मंत्री जी, सहकारिता रजिस्ट्रार, डेयरी प्रमुख शासन सचिव, RCDF CMD और RCDF IDO को ज्ञापन सौंपा गया। प्रस्ताव खत्म कराने का आश्वासन मिला।
पूरा अभियान देखें →हर दुग्ध उत्पादक आमंत्रित है।
शाम 5 बजे समिति प्रतिनिधियों के साथ बैठक। विषय — दूध की दर और भुगतान।
निःशुल्क पशु चिकित्सा एवं टीकाकरण शिविर, सुबह 9 बजे से।
सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक समिति सुनवाई। पर्ची की ज़रूरत नहीं।
सहकारिता मंत्री जी, सहकारिता रजिस्ट्रार, डेयरी प्रमुख शासन सचिव, RCDF CMD और RCDF IDO को ज्ञापन सौंपा गया। प्रस्ताव खत्म कराने का आश्वासन मिला।
पूरा अभियान देखें →23 जुलाई की बोर्ड मीटिंग के निर्णय के आधार पर जयपुर डेयरी ने आदेश जारी किया — सचिवों में भारी रोष।
आगे पढ़ें →दुग्ध उत्पादन प्राकृतिक प्रक्रिया है, सर्दियों में ज़्यादा होगा ही। खरीद पर सीमा नहीं लग सकती — ज़्यादा दूध वालों को सायलो मिले।
पूरा तर्क पढ़ें →दूध की क्रय दर और भुगतान में देरी पर विस्तार से चर्चा। प्रतिनिधियों ने आहार की क़ीमत को सबसे बड़ी परेशानी बताया।
आगे पढ़ें →दुधारू पशुओं की जाँच, टीकाकरण और दवा वितरण। सैकड़ों पशुपालकों ने लाभ लिया।
आगे पढ़ें →बढ़ती लागत को देखते हुए आहार दर की समीक्षा का प्रस्ताव रखा गया।
आगे पढ़ें →कई गाँवों में वर्षों से बंद पड़ी दुग्ध समितियों को दोबारा शुरू कराने पर बात हुई।
आगे पढ़ें →जाँच मशीनों के नियमित सत्यापन और उत्पादक को पर्ची देने की व्यवस्था की माँग उठाई गई।
आगे पढ़ें →महिला समितियों को बढ़ावा देने और उनके नाम पर भुगतान की व्यवस्था पर चर्चा।
आगे पढ़ें →बैठकों और शिविरों की जानकारी सबसे पहले आप तक पहुँचेगी।